देश में सोने की कीमतों में गिरावट का दौर जारी है। लगातार दूसरे दिन सोने के दाम में नरमी दिखी है, जबकि चांदी की चमक कम होने का नाम नहीं ले रही। निवेशक जहां सोने के कमजोर प्रदर्शन से हैरान हैं, वहीं सिल्वर मार्केट में तेजी का सिलसिला जारी है। वैश्विक बाजार में मंदी, घरेलू स्तर पर प्रॉफिट बुकिंग और फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर कटौती पर उम्मीदों ने सोने के भाव को नीचे धकेल दिया है। दूसरी ओर, चांदी की मांग में तेजी के संकेत इसे नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रहे हैं।
CG Weather Alert: शीत लहर के साथ अगले 24 घंटे में छत्तीसगढ़ में पारा गिरने की संभावना
सोने का भाव टूटा
28 नवंबर की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत गिरकर 1,27,890 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। यह लगातार दूसरे दिन की गिरावट है। 22 कैरेट सोने का भाव भी कम होकर 1,17,240 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है। वहीं मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में भी यही रुझान देखने को मिला। यहां 22 कैरेट गोल्ड 1,17,090 रुपये, जबकि 24 कैरेट गोल्ड 1,27,740 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड हो रहा है।
क्यों गिर रहा है सोना?
वैश्विक बाजार में भी गोल्ड दबाव में है। अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार में कीमत गिरकर 4,158.38 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू बाजार में खरीदारी कमजोर रही है, जबकि ट्रेडर्स प्रॉफिट बुकिंग पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। इसके अलावा, यह उम्मीद भी बनी हुई है कि दिसंबर की बैठक में अमेरिका का फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में और कमी कर सकता है। रेट कट का सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ता है क्योंकि बॉन्ड यील्ड घटते ही निवेशक सुरक्षित एसेट्स जैसे गोल्ड और सिल्वर की ओर रुख करते हैं।
चांदी की रफ्तार तेज
सोने से उलट, चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। 28 नवंबर को सिल्वर रेट बढ़कर 1,73,100 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया। दुनिया भर में चांदी की बढ़ती औद्योगिक मांग और निवेशकों की दिलचस्पी इसके भाव को ऊपर ले जा रही है। अमेरिकी बिजनेसमैन और मशहूर बेस्टसेलर किताब ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी का दावा है कि आने वाले समय में चांदी 70 डॉलर और 2026 तक 200 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है।
क्या निवेश का यह सही समय है?
विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने में गिरावट लंबी नहीं रहेगी। अगर फेड रेट कट का ऐलान करता है, तो सोने की कीमतों में फिर एक बार मजबूत उछाल देखने को मिल सकता है। दूसरी ओर, चांदी की तेज़ी फिलहाल निवेशकों के लिए बेहतर रिटर्न का संकेत दे रही है।
Alok Kumar Srivastava serves as the Chief Editor of Rashtra Darshan, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering political affairs, social issues, and regional developments.

