कवर्धा : जिले के रेंगाखार कन्या आदिवासी छात्रावास में अचानक तीन छात्राओं की तबियत बिगड़ने से हड़कंप मच गया. छात्राएं चीख-पुकार करने लगीं और बेहोशी की हालत में थीं. उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन लगभग एक घंटे इलाज के बाद भी उनकी हालत में खास सुधार नहीं हुआ. इसी बीच अविश्वासनीय और चौंकाने वाली घटना सामने आई. आरोप है कि कुछ शिक्षकों ने अस्पताल परिसर में ही एक बैगा-गुनिया को बुलाकर छात्राओं पर झाड़-फूंक कराना शुरू कर दिया. अस्पताल में इस तरह के कृत्य को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी सकते में है.
मेडिकल जांच में छात्राएं सामान्य पाई गईं
खंड चिकित्सा अधिकारी पुरुषोत्तम राजपूत के अनुसार, तीनों छात्राओं को किसी प्रकार की बीमारी नहीं थी, सिर्फ घबराहट की स्थिति थी. इलाज के दौरान ही शिक्षकों द्वारा झाड़-फूंक कराए जाने पर दो डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.
सहायक आयुक्त का दावा – झाड़-फूंक नहीं हुई
वहीं सहायक आयुक्त एल.पी. पटेल ने शिक्षकों द्वारा झाड़-फूंक कराने से इनकार किया है. उन्होंने बताया कि कुछ बच्चों की कमजोरी के कारण तबियत बिगड़ी थी. उपचार के बाद तीनों छात्राओं की हालत अब सामान्य है और एहतियातन उन्हें कुछ दिनों के लिए पालकों के साथ घर भेजा गया है.
छात्रावास में दहशत का माहौल
तीन छात्राओं के एक साथ बेहोश होने की घटना से छात्रावास की अन्य छात्राएं भयभीत हैं. वहीं अस्पताल में झाड़-फूंक की जानकारी सामने आने के बाद पूरे मामले पर सवाल उठने लगे हैं. स्वास्थ्य विभाग और जनजातीय विभाग दोनों अपनी-अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं.
Alok Kumar Srivastava serves as the Chief Editor of Rashtra Darshan, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering political affairs, social issues, and regional developments.

