रायपुर : राज्य सरकार ने सभी विभागों से सभी खरीदी जेम पोर्टल से करने के आदेश दिए हैं। वाणिज्य एवं उद्योग सचिव रजत कुमार ने सभी विभागों के भारसाधक सचिवों से कहा है कि कुछ विभागों की खरीदी में अनियमितताएं मिलीं थीं। इसे ध्यान में रखते हुए ही ताजा निर्देश दिए गए हैं।
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मूल्य 50 हज़ार से कम राशि की वस्तु/सेवा के क्रय में नियम 4.3.1 अंतर्गत जेम (GeM) पोर्टल से भिन्न माध्यम से क्रय के विषय में जारी विभागीय पत्र क्रमांक 3881/3296/2024/11/6 दिनांक 20.11.2024 को अधिक्रमित करते हुए स्पष्ट किया जाता है कि छत्तीसगढ़ शासन भंडार क्रय नियम, 2002 के नियम 3 अनुसार जेम (GeM) पोर्टल पर उपलब्ध वस्तु सेवा का क्रय जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से ही किया जाए। किसी विशेष परिस्थिति में भी, नियम 3 अनुसार, वित्त विभाग की पूर्व अनुमति के बिना अन्य माध्यम से क्रय नहीं किया जाए।
शासकीय क्रय की कार्यवाही को पारदर्शी एवं नियमानुसार सुनिश्चित करने के लिए, क्रय की समीक्षा एवं पर्यवेक्षण किया जाना आवश्यक है। आपके विभाग में एवं विभाग के अधीनस्थ कार्यालय में होने वाले क्रय के समुचित पर्यवेक्षण के लिए आपके विभाग में एक इकाई का गठन किया जाए। इस इकाई में उपसचिव से अनिम्न पद श्रेणी के कम से कम एक अधिकारी हों। इकाई में विभाग में पदस्थ वित्त सेवा के अधिकारी या लेखा शाखा के प्रभारी को भी अनिवार्यतः शामिल किया जाए। यह इकाई विभाग के अधीन किए जाने वाले क्रय का समुचित रूप से पर्यवेक्षण करेगी। पत्र प्राप्ति के 15 दिवस के भीतर इकाई गठन का आदेश जारी कर इस विभाग को सूचित किया जाना सुनिश्चित करें।
सभी प्रशासकीय विभाग यह सुनिश्चित करें कि विभाग में अधिक मूल्य के क्रय किये जाने वाले वस्तु/सेवा के क्रय पर विभागीय इकाई के माध्यम से समुचित पर्यवेक्षण किया जाए। विशेष रूप से ऐसी वस्तु या सेवा, जिसका क्रय एक वित्तीय वर्ष में एक करोड़ रुपए से अधिक मूल्य का किया जा रहा है, के क्रय पर विशेष ध्यान दिया जाए। क्रय की अधिकारिता के विषय में वित्तीय अधिकारों की पुस्तिका का अवलोकन किया जाना अपेक्षित है।
विभाग अंतर्गत कुछ ऐसी वस्तुएं या सेवाएं हो सकती हैं, जिनका क्रय प्रत्येक वित्तीय वर्ष में किया जाना आवश्यक हो अथवा जिनका क्रय अधीनस्थ कई कार्यालयों द्वारा किया जाना आवश्यक हो, ऐसी वस्तु सेवा के विवरण (Specification), विशेषतः यदि यह वस्तु/सेवा अधिक मूल्य की है, में एकरूपता सुनिश्चित की जाए। विवरण में ऐसी कोई अतिरिक्त शर्त का उल्लेख नहीं हो, जो विभिन्न विक्रेताओं / प्रदायकर्ताओं को अनावश्यक रूप से सीमित करती हो, या किसी विशेष विक्रेताओं / प्रदायकर्ताओं को अनुचित लाभ प्रदान करती हो अथवा क्रय की जा रही वस्तु/सेवा से सम्बन्ध नहीं रखती हो। इकाई के पर्यवेक्षण में अनुचित अतिरिक्त शर्त ( ATC Additional Terms & Conditions) का तथ्य मिलने पर सम्बन्धित क्रय प्रक्रिया निरस्त करने की कार्यवाही की जाए।
Alok Kumar Srivastava serves as the Chief Editor of Rashtra Darshan, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering political affairs, social issues, and regional developments.

