बिलासपुर: बिलासपुर के गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में छात्र को निष्कासित किए जाने का मामला अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। शुक्रवार (17 अक्टूबर) को एनएसयूआई नेताओं ने कुलपति निवास के सामने धरना-प्रदर्शन कर जमकर हंगामा मचाया। इस दौरान कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि ढाई साल बाद सरकार बदलेगी न तब गुजरात से कब्र से निकालकर कुलपति को लेकर आएंगे। एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि कुलपति को चड्डी पहनाकर घूमाएंगे।
इधर, विरोध-प्रदर्शन और हंगामे के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने मामले की शिकायत कोनी थाने में की। पुलिस ने एनएसयूआई नेता, छात्र सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। हालांकि, एफआईआर में केवल नीरज पांडे, लक्की मिश्रा, सुदीप शास्त्री, सार्थक मिश्रा के खिलाफ नामजद और 30 अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जबकि, बड़े नेताओं को नामजद नहीं किया गया है। जबकि, प्रदर्शन में विधायक अटल श्रीवास्तव के साथ कांग्रेस नेता प्रमोद नायक, सुद्धांशु मिश्रा, लक्की मिश्रा, रंजीत सिंह, अर्पित केसरवानी, विकास सिंह सहित कई कांग्रेसी नेता और एनएसयूआई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि यूनिवर्सिटी में जब से आलोक चक्रवाल कुलपति बनकर आए हैं, तब से प्रोफेसर्स, छात्र और स्टॉफ के साथ अन्याय किया जा रहा है। उनकी विचारधारा से सहमत नहीं होने पर दबाव बनाकर परेशान किया जा रहा है। ऐसे ही एक छात्र को निष्कासित कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी की छवि को कुलपति आलोक चक्रवाल धूमिल कर रहे हैं। लोकतांत्रिक तरीके से भूख हड़ताल कर रहे छात्रों पर दबाव बनाया जा रहा है। यहां केवल बाहरी लोगों की नियुक्ति की जा रही है। जबिक, स्थानीय लोगों की उपेक्षा की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुलपति ने यूनिवर्सिटी को अय्याशी का अड्डा, अवैध नियुक्ति और भ्रष्टाचार का अड्डा बना लिया है। एनएसयूआई और कांग्रेस ने कुलपति आलोक चक्रवाल के खिलाफ चार नवंबर को प्रदेश व्यापी आंदोलन कर मुहिम चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के बाद दबाव बनाने के लिए एफआईआर दर्ज की गई है। लेकिन, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
Alok Kumar Srivastava serves as the Chief Editor of Rashtra Darshan, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering political affairs, social issues, and regional developments.

