छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, लेकिन आज कोई फैसला नहीं हो सका। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 सितंबर की तारीख तय की है।
चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद से ही जमानत को लेकर कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
इससे पहले, चैतन्य बघेल ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें हाईकोर्ट जाने की सलाह दी थी। इसके बाद उन्होंने बिलासपुर हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की।
हाईकोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर कई बार सुनवाई हो चुकी है। चैतन्य के वकील ने उनकी गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताया है और कहा है कि उनके नाम का उल्लेख न तो ईडी की एफआईआर में है और न ही किसी गवाह के बयान में। वहीं, ईडी ने जमानत याचिका का विरोध किया है और कहा है कि चैतन्य जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और उन्हें मिली कथित आपराधिक आय के संबंध में उनका पक्ष जानने के लिए और पूछताछ की आवश्यकता है।
आज की सुनवाई में दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें पेश कीं, लेकिन कुछ कारणों से फैसला नहीं हो सका और कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 सितंबर की तारीख तय की है। चैतन्य बघेल की जमानत का भविष्य अब अगली सुनवाई पर निर्भर करेगा, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
Alok Kumar Srivastava serves as the Chief Editor of Rashtra Darshan, a Hindi-language news website. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments
