कोरबा : छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में पदस्थ डीएसपी कल्पना वर्मा पर हनी ट्रैप का आरोप लगाने वाले होटल कारोबारी दीपक टंडन अब खुद कानूनी संकट में फंस गए हैं। कटघोरा की अदालत ने टंडन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह वारंट करीब 28 लाख रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में लगातार अदालत में पेश नहीं होने के कारण जारी की गई है। न्यायालय ने 12 दिसंबर को दीपक टंडन को पेश होने का निर्देश दिया था। नोटिस मिलने के बावजूद उपस्थिति नहीं हुई। इसके बाद अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।
यह मामला वर्ष 2015 में कोरबा के दीपका क्षेत्र का है, जहां कोयला आपूर्ति के नाम पर 28 लाख रुपये लेने के बाद आपूर्ति नहीं की गई थी। बाद में दिए गए चेक भी बाउंस हो गए थे। वारंट जारी होने से पहले दीपक टंडन ने डीएसपी कल्पना वर्मा पर रिश्वत, ब्लैकमेलिंग, धोखाधड़ी और तथाकथित लव ट्रैप जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। टंडन का दावा था कि उन्होंने अधिकारी को महंगे उपहार और नकद राशि मिलाकर करीब दो करोड़ रुपये दिए। उन्होंने कुछ कथित चैट, कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया और कुछ पत्रकारों को भेजे थे, जो बाद में चर्चा का विषय बने।
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जांच में सामने आया है कि दीपक टंडन के खिलाफ पहले से भी कई आरोप हैं। नगर निगम के राजस्व निरीक्षक भर्ती परीक्षा का प्रश्न पत्र दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सिविल लाइन थाना रायपुर में दर्ज है। इसके अलावा सक्ती जिले के एक कोयला कारोबारी से 15 लाख रुपये की ठगी का आरोप भी लगाया गया है, जिसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से की गई है।मालूम हो कि डीएसपी कल्पना वर्मा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार और बेबुनियाद बता चुकी हैं। उनका दावा है कि न तो उनका किसी तरह का गलत संबंध रहा है और न ही पैसों का कोई लेन-देन हुआ है। वह दीपक टंडन के होटल में अपने पिता के बकाया 42 लाख रुपये लेने गई थीं।
Alok Kumar Srivastava serves as the Chief Editor of Rashtra Darshan, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering political affairs, social issues, and regional developments.

