रायपुर: मोबाइल और सीसीटीवी के जमाने में लोग अगर सोचते हैं कि झूठी कहानी बनाकर बच जाएंगे, तो गलत है. ऐसा ही कुछ चांदी के कारोबारी राहुल गोयल के साथ हुआ, जिन्होंने 1.29 करोड़ कीमत की चांदी की लूट की कहानी तो रच डाली, लेकिन 24 घंटे नहीं बीते कि झूठ का पर्दाफाश हो गया.
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दरअसल, आरोपी राहुल जुए सट्टे में तगड़ी रकम गंवा चुका था. वह चांदी के कारोबार में ब्रोकर था. वह आगरा से चांदी का जेवर का ऑर्डर लेकर सप्लाई कर कमीशन लेता था. कंपनी भरोसा करके उधार में जेवर भेजती थी. इधर सट्टे में रकम गंवाने के बाद राहुल को लगा कि झूठी कहानी बनाकर वह कंपनी को पैसे देने से बच जाएगा और उसे जुए में हुए नुकसान की भरपाई भी हो जाएगी. लेकिन उसका ये दांव उल्टा पड़ गया. पुलिस ने घटनास्थल पर जांच में पाया कि ऐसा कुछ हुआ ही नहीं.
ऐसे रचा झूठी लूट का ताना-बाना
मूल रूप से अलीगढ़ (यूपी) के रहने वाले आरोपी राहुल गोयल रायपुर में शिवा ट्रेडर्स के नामक कंपनी चलाता है. उसने पुलिस को बताया कि वह आगरा की एक कंपनी के सीएफए के रूप में चांदी के जेवर लेकर रायपुर आता है, और कारोबारियों को बेचता है. इसके एवज में उसे प्रति किलो 500 रुपए कमीशन मिलता है.
उसने बताया कि दिवाली के लिए 200 किलो चांदी रायपुर लाया था, उसमें से 100 किलो चांदी वापस आगरा भिजवा दिया. वहीं 14 किलो चांदी की बिक्री हो चुकी थी, जबकि 86 किलो चांदी का ऑर्डर बाकी था. शुक्रवार रात 11 बजे मैं भोजन कर सो गया. रात करीब 3 बजे दरवाजा खटखटाने की आवाज सुनकर नींद खुली बाहर आया तो किसी ने उसका नाम पुकारा और दरवाजा खोलने को कहा.
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आरोपी ने बताया कि उसके पड़ोस में दो कारोबारी आगरा के ही हैं. उसने सोचा कि वे होंगे और दरवाजा खोल दिया. बाहर दो नकाबपोश थे उनमें से एक भीतर आया और सीधे कट्टा तान दिया. मैंने विरोध किया तो दूसरे ने चाकू से हमला किया और मुंह को रूमाल से दबा दिया. उसके बाद मैं बेहोश हो गया.
आरोपी ने बताया कि सुबह 10 बजे आंख खुली तो मेरे हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए थे. किसी तरह खुद को छुड़ाकर बाहर आया. मेरे घर से 86 किलो चांद के जेवर लूटेरे लूटकर ले जा चुके थे. इस बारे में पड़ोसी को घटना बताई. लुटेरे बालकनी से रस्सी के सहारे उतरकर भाग गए. डीवीआर भी साथ ले गए.
Alok Kumar Srivastava serves as the Chief Editor of Rashtra Darshan, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering political affairs, social issues, and regional developments.

