रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं की कार्यस्थल सुरक्षा पर बड़ा एक्शन प्लान लागू किया है. अब सरकारी और निजी कार्यालयों, दुकानों, मॉल, स्कूल, अस्पताल, होटल-रेस्टोरेंट, फैक्ट्रियों और कांट्रेक्ट एजेंसियों, सभी जगह महिला शिकायत समितियां बनाना अनिवार्य कर दिया गया है.
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श्रम विभाग ने इस संबंध में हजारों संस्थानों को नोटिस जारी किए हैं. रायपुर में ही 2500 से ज्यादा संस्थानों को नोटिस भेजी गई है, जबकि 2700 से अधिक संस्थानों ने समिति गठन की रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है. यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के 12 अगस्त के आदेश पर की जा रही है. कलेक्टरों को इसकी सीधी जिम्मेदारी दी गई है. समिति में एक पीठासीन अधिकारी (सीनियर महिला कर्मचारी) और चार सदस्य होंगे.
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एडवोकेट मृदुला सिंह का कहना है, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद पीड़ित महिलाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी न्याय मिलने की संभावना काफी बढ़ जाएगी. खास बातेंः जहां 10 या अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, उन्हीं संस्थानों को नोटिस. समिति नहीं बनाने पर 50 हजार रुपए जुर्माना. समिति के सदस्यों के नाम और मोबाइल नंबर सार्वजनिक करना अनिवार्य.
Alok Kumar Srivastava serves as the Chief Editor of Rashtra Darshan, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering political affairs, social issues, and regional developments.

