CG News: छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि सीजीएमएससीएल क्वालिटी कन्ट्रोल के प्रति जीरो टॉलरेंस के लिए पूरी तरह से कटिबद्ध है. इसी के तहत विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मेसर्स एफ़ी पैरेंटेरल्स को ब्लैकलिस्टिंग शो कॉज नोटिस जारी कर दिया है.
दरअसल दवा गोदामों से स्वास्थ्य संस्थानों को दवा प्रदाय करने के पूर्व सप्लायर द्वारा आपूर्ति की गई सभी बैचेस के रैंडम सैंपल को NABL मान्यता प्राप्त लैब्स से गुणवत्ता परीक्षण कराया जाता है. जिससे स्वास्थ्य संस्थानों में केवल टेस्ट में पास होने वाली दवाओं का वितरण सुनिश्चित हो.
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प्रक्रिया के तहत मेसर्स एफ़ी पैरेंटेरल्स द्वारा वेयर हाउस में सप्लाई किए गए अल्बेंडाजोल टेबलेट्स IP 400 mg (ड्रग कोड – D12) के बैचेस PGT25451, PGT25450, PGT25480, PGT25229 को अस्पतालों में भेजने से पहले राज्य औषधि परीक्षण एवं अनुसंधान प्रयोगशाला, रायपुर में जांच कराई गई. जांच में यह बैचेस फेल पाए गए. अतः क्वालिटी के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए सम्बंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट किए जाने हेतु शो कॉज नोटिस जारी किया गया है. साथ ही सम्बंधित फर्म को दवा गोदामों से ही टेस्ट में फैल बैचेस की सम्पूर्ण दवा को वापस लेने का निर्देश दिया गया है.
इन बैचेस के अतिरिक्त इस फर्म द्वारा पूर्व में अल्बेंडाजोल टेबलेट्स IP 400 mg के 14 बैचेस की आपूर्ति की गई थी जिन्हें NABL टेस्ट रिपोर्ट्स में पास होने के उपरांत स्वास्थ्य संस्थाओं को वितरित किया गया था.
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नागरिकों को सर्वोच्च क्वालिटी दवाएं ही उपलब्ध हो इसको सुनिश्चित करने के लिए पूर्व में वितरित बैचेस से भी एक बार पुनः रैंडम सैंपलिंग कर परीक्षण किए जाने का भी निर्णय लिया गया है. इसके तहत उन बैचेस को टेम्पोरेरी होल्ड पर रखने का निर्देश दिया गया है. CGMSC द्वारा दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आगे भी लगातार कार्रवाईयां की जाएंगी.
Alok Kumar Srivastava serves as the Chief Editor of Rashtra Darshan, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering political affairs, social issues, and regional developments.

