प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के लिए बोली लगाने के लिए युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। दावेदारी के लिये बोली जमा करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त है। IOA अगले 48 घंटे में प्रक्रिया पूरी कर सकता है। कॉमनवेल्थ गेम्स की आमसभा नवंबर के आखिरी सप्ताह में ग्लास्गो में मेजबान देश पर फैसला लेगी। कनाडा के वित्तीय कारणों से पीछे हटने के बाद भारत की मेजबानी की संभावना प्रबल हो गई है। कैबिनेट बैठक के बाद जारी PIB के बयान में कहा गया कि भारत की ओर से कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए अहमदाबाद की दावेदारी पेश की जाएगी।
गुजरात का अहमदाबाद वर्ल्ड लेवल स्टेडियम, अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं वाला एक आदर्श मेजबान शहर है। दुनिया के सबसे बड़े नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 फाइनल मैच खेला जा चुका है। कॉमनवेल्थ गेम्स में 72 देशों के एथलीट बड़ी संख्या में भाग लेंगे। इस आयोजन से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ रोजगार और खेलों से परे विभिन्न क्षेत्रों में अवसर सृजित होंगे।
मेजबानी से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
खेलों के अलावा, भारत में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के मौके पैदा होंगे और लाखों युवा एथलीटों को प्रेरणा मिलेगी। इसके अलावा, खेल विज्ञान, आयोजन संचालन एवं प्रबंधन, रसद एवं परिवहन समन्वयक, प्रसारण एवं मीडिया, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार, जनसंपर्क एवं संचार तथा अन्य क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में पेशेवरों को मौके मिलेंगे।
इस तरह के बड़े खेल आयोजन से राष्ट्रीय गौरव और एकता की भावना प्रबल होगी। इस आयोजन में देश के सभी हिस्सों के लोग शामिल होंगे जिससे हमारे राष्ट्र का मनोबल बढ़ेगा। यह खिलाडियों की नई पीढ़ी को खेलों को एक करियर विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करेगा और सभी स्तरों पर खेलों में अधिक से अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करेगा।
2026 में ग्लासगो में होगा आयोजन
बता दें, 2010 में भारत कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी कर चुका है। नई दिल्ली में गेम्स का आयोजन हुआ था, जिसमें भारत ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। 2026 में स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन किया जाएगा। साल 2022 में इंग्लैंड के बर्मिंघम में CWG का आयोजन हुआ था।
Alok Kumar Srivastava serves as the Chief Editor of Rashtra Darshan, a Hindi-language news website. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

